गांव मंच डेस्क दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल), 13 अप्रैल | West Bengal के Darjeeling से करीब 23 किलोमीटर दूर , India – Nepal बॉर्डर के पास बसा मने भंजनग गाओं अपनी यूनिक आइडेंटिटी के लिए मशहूर है। इस गाओं की सबसे बड़ी खासियत यह है की यहाँ आज भी पुराणी Land Rover जीपें टैक्सी के रूप में चलती नज़र आती है।
Vintage जीपों ने बनायीं गाओं की अलग शान !
मने भंजनग में आपको हर गली और हर घर के बहार एक पुराणी Land Rover जीप कड़ी दिख जायेगी , जो यहाँ का कॉमन सन बन चूका है।
कुछ जीपें 1950 के दौर की हैं , जो आज भी चल रही है और गाओं के लोग इन्हे अपनी विरासत की तरह संभाल कर रखते है।

British ज़माने की कहानी आज भी ज़िंदा है !
लोकल लोगों का कहना है की आज़ादी से पहले अँगरेज़ officers और officials यहाँ ट्रेवल करने के लिए Land Rover गाड़ियां लेकर आये थे।
बाद में जब ब्रिटिश लोग वापस चले गए।, तब उन्होंने ये गाड़ियां यहीं के लोगों को दे दी , जो आज भी उसे use कर रहे है।
पहाड़ी रास्तों पर भी दिखती है दुम!
भले ही इन जीपों की उम्र 70 साल से ज़्यादा हो चुकी है , लेकिन इनकी स्ट्रेंथ और परफॉरमेंस अभी भी कमाल की बानी हुई है।
इनकी मजबूत बॉडी और पावरफुल इंजन की वजह से ये गाड़ियां टफ हिमालयन रोड्स पर भी बिना रुकावट चलती रहती हैं , जो टूरिस्ट्स को अत्त्रक्ट करती है।
टूरिज्म का सहारा बानी ये पुराणी टॉक्सिस !
मने भंजनग की ये विंटेज टॉक्सिस संदक्फू ट्रेक के स्टार्टिंग पॉइंट तक टूरिस्ट को पहुंचती हैं , जहाँ दुनिया भर के ट्रेककेरस आते है।
रस्ते में लोग Mount Everest और सुररौनडिंग वाल्लेस का नज़ारा लेते है, और इसी टूरिज्म से लोकल ड्राइवर्स और फैमिलीज़ की इनकम भी चलती है।
इंटरनेट पर वायरल हुआ गाओं का हेरिटेज।
रीसेंट दिनों मने भंजनग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ , जिसमें इस गाओं की ब्यूटी और Land Rover कल्चर को दिखाया गे।
लोगों ने कमैंट्स में लिखा ली यह जगह हेरिटेज और एडवेंचर का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है , जो इंडिया में बहुत काम देखने को मिलता है।
एक गाओं नहीं , हेरिटेज का जीता जागता एक्साम्प्ले !
मने भंजनग सिर्फ एक नार्मल बॉर्डर विलेज नहीं , बल्कि एक लिविंग हेरिटेज है जहाँ हिस्ट्री म्यूजियम में नहीं , बल्कि सड़कों पर चलती नज़र आती है।
ये Land Rover जीपें यहाँ की पहचान , प्राइड और इकॉनमी का बेस बन चुकी है , इसलिए इस गाओं को ” Land Rover Village ” कहा जाता है।
“इस गांव की प्रसिद्धि Sandakphu ट्रेक के कारण भी है, जिसकी अधिक जानकारी के लिए दार्जिलिंग पर्यटन यहां देखें”
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-Vishakha Mehra , Journalist


