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सुप्रीम कोर्ट MSP सवाल: किसानों के दाम पर बड़ा फैसला

गाँव मंच डेस्क महाराष्ट्र, 14 अप्रैल | सोमवार 13 अप्रैल को देश की सबसे बड़ी अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने करोडो किसानो के हक़ में एक बड़ा कदम उठाया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से सवाल किया है की किसानो को उनकी फसल का सही दाम (MSP), क्यों नहीं मिली रही है, जिसमे उनकी पूरी लागत शामिल हो?

मामला क्या है?

महाराष्ट्र के किसानो ने एक याचिका दायर की है, जिसमे 3 बड़ी बाते कही गई है:

  • घाटे की MSP: सरकार जो रेट तय करती है, वह किसान की असल लागत से बोहोत कम है।
  • आधा अधूरा हिसाब: अभी रेट तय करते समय ज़मीन का किराया और ब्याज नहीं जोड़ा जाता। किसान चाहते है की C2 फार्मूला (पूरी लगत+मुनाफा) लागु हो।
  • विदेशी खतरा: भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए व्यापारिक समझौते (ट्रेड डील) ने किसानो की चिंता बढ़ा दी है। दर है की विदेशी फसल आने से घरेलु फसल के दाम और घिर न जाए।
alt="सुप्रीम कोर्ट MSP सवाल किसानों के मुद्दे पर सुनवाई"

सुप्रीम कोर्ट की चिंता: “बड़े बनाम, छोटे किसान”

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक अहम् पेंच फंसाया। उन्होंने पूछा:

  • देश में सबके पास बराबर ज़मीन नहीं है।
  • कुछ के पास बोहोत बड़े खेत है, कुछ के पास बोहोत छोटे।
  • ऐसे में एक जैसी नीति (uniform policy) सबको फायदा कैसे पहुंचाएगी?
  • अदालत अब यह परखेगी की क्या छोटे किसानो के लिये कोई अलग और बेहतर सुरक्षा चक्र बनाया जा सकता है?

360 इम्पैक्ट: इस फैसले से क्या बदलेगा?

  • कानूनी हक़: अगर कोर्ट आदेश देता है, तो MSP सिर्फ घोषणा नहीं बल्कि किसान का कानूनी हक़ बन जाएगा।
  • क़र्ज़ से मुक्ति: जब फसल का सही दाम मिलेगा। तो किसान को साहूकारों के आगे हाथ नहीं फ़ैलाने पड़ेंगे।
  • बाजार में मजबूती: India-US Trade deal के बीच, भारतीय किसानो को एक सुरक्षा कवच मिल जाएगा।
  • यह लड़ाई सिर्फ चंद रुपयों की नहीं, बल्कि इस बात की है की क्या खेती को एक ‘सम्मानजनक’ और ‘प्रॉफिटेबल’ बिज़नेस बनाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट का दखल इस बात का सबूत है की अब अन्नदाता की आवाज़ को अनसुना नहीं किया जा सकता।

“MSP से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए कृषि मंत्रालय की वेबसाइट देख सकते हैं।”

राजस्थान में पंचायतों, ग्राम सभाओं और ग्रामीण योजनाओं से जुड़ी ताज़ा खबरें गाँव मंच के पंचायत सेक्शन में भी उपलब्ध हैं।

– Deepanshu Kasera, Journalist

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