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सीकर प्याज कीमत गिरावट: किसान बोले लागत भी नहीं निकल रही

गाँव मंच डेस्क सीकर, 15 अप्रैल | राजस्थान का सीकर जिला, जो अपनी मीठी प्याज के लिए देश भर में मशहूर है, आज वहां के किसानों की आंखों में आंसू हैं। इस बार मौसम ने साथ दिया, पैदावार बंपर हुई, लेकिन यही ‘खुशी’ अब किसानों के लिए ‘मातम’ बन गई है।

क्या है पूरी गणित:

  • लागत: करीब ₹10 प्रति किलो (बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी)
  • थोक भाव: ₹7 से ₹8 प्रति किलो
  • नतीजा: प्रति किलो पर ₹2 से ₹3 घाटा।

मंडी में रोज़ाना 200 से ज़्यादा ट्रॉलियां पहुँच रही है। आवक इतनी ज़्यादा है की मंडी प्याज से पट गई है, इसका फायदा उठाकर व्यापारी औने-पौने दाम लगा रहे हैं।

alt="सीकर प्याज कीमत गिरावट मंडी में किसानों की समस्या"

बिचौलियों की चाँदी लेकिन जनता परेशान:

  • हैरानी की बात ये है की जो प्याज़ किसान ₹8 में बेच रहा है, वही प्याज बाजार में ₹20 की मिल रहे है।
  • सवाल ये है की की बीच के ₹12 किसकी जेब में जा रहे है? ना किसान खुश है नहीं आम आदमी।
  • पूरा मुनाफा बिचौलिए कमा रहे है।

किसानो की 3 बड़ी मांगे:

  • निर्यात शुरू हो: ताकि प्याज को देश के बहार भेजा जा सके और कीमते बढे।
  • कोल्ड स्टोरेज: सीकर में सरकारी स्टोरेज की व्यहवस्था हो, ताकि किसान फसल रोक सके।
  • मुआवज़ा: लागत से कम दाम मिलने पर सर्कार आर्थिक मदद दे।

बंपर पैदावार किसान के लिए दिवाली होनी चाहिए थी, लेकिन सिस्टम की नाकामी ने इसे दिवाला बना दिया है। जब तक हमारे पास ‘फ़ूड प्रोसेसिंग’ यूनिट नहीं होगी, तब तक सीकर का किसान ऐसे ही व्यापारियों के रहमो-करम पर रहेगा।

“प्याज की कीमतों और किसानों की अधिक जानकारी के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट देख सकते हैं।”

“प्याज के स्टॉक, खरीद और मार्केट सपोर्ट से जुड़ी जानकारी के लिए NAFED की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें।”

राजस्थान में पंचायतों, ग्राम सभाओं और ग्रामीण योजनाओं से जुड़ी ताज़ा खबरें गाँव मंच के किसान सेक्शन में भी उपलब्ध हैं।

– Deepanshu Kasera, Journalist

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